इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की दुनिया में आज सबसे ज्यादा चर्चा ‘सॉलिड-स्टेट बैटरी’ (Solid-State Battery) की हो रही है। वर्तमान में अधिकांश ईवी में लिथियम-आयन बैटरी का उपयोग किया जाता है, जिसमें लिक्विड इलेक्ट्रोलाइट होता है। इसके विपरीत, सॉलिड-स्टेट बैटरी में ठोस इलेक्ट्रोलाइट का उपयोग किया जाता है, जो इसे न केवल अधिक सुरक्षित बनाता है बल्कि इसकी ऊर्जा घनत्व (Energy Density) को भी काफी बढ़ा देता है। 2026 में, कई ऑटोमोबाइल दिग्गज इस तकनीक को प्रयोगशाला से निकालकर सड़कों पर लाने की तैयारी कर रहे हैं।
सॉलिड-स्टेट बैटरी का सबसे बड़ा फायदा इसकी अविश्वसनीय रेंज है। इस तकनीक की मदद से एक औसत इलेक्ट्रिक कार भी एक बार फुल चार्ज होने पर 1,000 से 1,200 किमी तक की दूरी तय कर सकेगी। यह वर्तमान लिथियम-आयन बैटरियों की तुलना में लगभग दोगुनी रेंज है। इसके अलावा, ऊर्जा घनत्व अधिक होने के कारण ये बैटरियां वजन में हल्की और आकार में छोटी होंगी, जिससे वाहनों की ओवरऑल एफिशिएंसी में सुधार होगा।
चार्जिंग समय के मामले में भी यह तकनीक एक बड़ी क्रांति लाने वाली है। जहाँ अभी फास्ट चार्जिंग में भी 30 से 45 मिनट का समय लगता है, वहीं सॉलिड-स्टेट बैटरी को मात्र 10 मिनट या उससे कम में 80-90% तक चार्ज किया जा सकेगा। यह अनुभव पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने जितना ही तेज होगा, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ड्राइवरों के मन से रेंज और चार्जिंग की चिंता पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
सुरक्षा के लिहाज से भी सॉलिड-स्टेट बैटरी वर्तमान तकनीक से कहीं बेहतर है। लिथियम-आयन बैटरियों में इस्तेमाल होने वाला लिक्विड इलेक्ट्रोलाइट ज्वलनशील होता है, जिससे दुर्घटना के समय आग लगने का खतरा रहता है। ठोस इलेक्ट्रोलाइट होने के कारण सॉलिड-स्टेट बैटरियों में आग लगने या ‘थर्मल रनवे’ का जोखिम लगभग शून्य हो जाता है। साथ ही, ये बैटरियां अत्यधिक ठंडे या गर्म तापमान में भी बेहतर प्रदर्शन करती हैं, जो भारतीय जलवायु के लिए बहुत अनुकूल है।
टोयोटा, चेरी (Chery) और डोनट लैब जैसी कंपनियां 2026-27 तक इस तकनीक वाले वाहनों के सीमित लॉन्च की योजना बना रही हैं। हालांकि, शुरुआत में इन बैटरियों की लागत अधिक हो सकती है, लेकिन बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होने के बाद कीमतें कम होने की उम्मीद है। सॉलिड-स्टेट बैटरी न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य को सुरक्षित करेगी, बल्कि यह पेट्रोल और डीज़ल गाड़ियों के युग को समाप्त करने की दिशा में अंतिम और सबसे मजबूत कदम साबित होगी।
